A Chronicle of Enlightened Citizenship Movement in the State Bank of India

A micro portal for all human beings seeking authentic happiness, inner fulfillment and a meaningful life
==============================================

Thursday, February 11, 2010

मै एक व्यक्ति न होकर संस्था / समाज का अंग हू

एसबीआई सिटीजनशीप कार्यक्रम इस प्रकार से ङिज़ाईन किया गया है कि इससे यह पूर्ण परिवर्तन करने मे सक्षम है. यह एक ओरियेन्टेशन कार्यक्रम है. जिसमे समय की महत्ता, कार्य की गुणवत्ता तथा सम्पूर्ण मानवीय द्र्ष्टीकोण से कार्य करने की सीख मिली है.
इस कार्यक्रम से मुझे यह सीखने को मिला कि मेरा नाम हो, मेरे कार्य की प्रशन्सा हो, मुझे एप्रिशिएशन मिले और मुझे लाभ हो के स्थान पर मुझे यह सीखने को मिला कि मै दूसरो के लिये जैसे मेरे सहकर्मियो, मेरी सन्स्था, मेरे परिवार तथा समाज को क्या लाभ पहुचा सकता हू. व्यक्तिगत से उपर उठने का सम्पूर्ण कार्य इस कार्यक्रम के ज़रिये पूर्ण हुआ है.
मै एक व्यक्ति न होकर संस्था / समाज का अंग हू. उसके लिये मुझे कार्य करना है. यह भावना पूरी तरह से इस कार्यक्रम मे सम्मिलित है.
आने वाले समय मे अधिक मानवीय मूल्यो को ध्यान मे रखते हुये अपने उत्तरदायित्व को पूर्ण करने की प्रतिज्ञा  करता हू. इस भावना को जाग्रत करने तथा उसे पूर्ण करने की और मार्ग प्रशस्त करने वाला यह कार्यक्रम अत्यन्त उपयोगी एवम लाभदायक सिध्द होगा. इससे आत्मिक सुख, प्रसन्नता के साथ अन्य लोगो को भी सुख व सम्रध्दी तथा खुशिया प्राप्त हो सकेगी. यह केवल मेरी भलाई के लिये ही नही बल्कि मेरे सहकर्मियो, सन्स्था एवम आसपास के समस्त वातावरण के लिये बहुउपयोगी है.
OM PRAKASH YADAV
CHIEF MANAGER (R.C.P.C.)
State Bank of Indore
REGIONAL OFFICE,
RATLAM

No comments:

Post a Comment